स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल के बीच आखिर कौन लड़की आ गई? कौन है पलाश मुच्छल की एक्स गर्लफ्रेंड? पलाश ने जिसे शादी के लिए भी प्रपोज किया था। आखिर कौन लेकर आया दोनों की जिंदगी के बीच एक भूचाल? टीम इंडिया की उपक्तान स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी 23 नवंबर को होनी थी।
हालांकि शादी से चंद घंटे पहले खबर आई कि स्मृति के पिता की तबीयत अचानक से बिगड़ गई है। जिसके चलते शादी को अभी के लिए पोस्टपोन कर दिया गया। पलाश भी बीमार है और उन्हें भी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। हालांकि अब पलाश की एक लड़की संग बातचीत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें पलाश फ्लर्ट कर रहे हैं। इसके बाद से
पलाश पर फैंस चीटिंग का आरोप लगा रहे हैं। पलाश की एक्स गर्लफ्रेंड रही बिरवा शाह संग भी उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अचानक से वायरल हो गई हैं। एक फोटो में पलाश और बिरवा काफी रोमांटिक अंदाज में दिख रहे हैं। इस वायरल फोटो में बैकग्राउंड गुब्बारे, फूल और लाइट से सजा हुआ नजर आ रहा है। पलाश घुटनों के बल बैठकर बिरबा को प्रपोज करते हुए दिखाई दे रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में पलाश ठीक इसी तरह से
डी बाई पाटिल स्टेडियम में घुटनों के बल बैठकर स्मृति मंधाना को भी प्रपोज करते हुए नजर आए थे। मंधाना पलाश का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। बिरवा एक फोटो में पलाश और उनकी बहन पलक के साथ भी नजर आ रही हैं। फोटो को देखकर ऐसा लग रहा है कि तीनों के बीच एक समय पर काफी अच्छी बॉन्डिंग थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक पलाश और बिरवा की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड्स के जरिए
हुई थी और जल्दी ही दोनों की दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई थी। हालांकि दोनों का बाद में ब्रेकअप हो गया था। जिसके बाद पलाश स्मृति मंदाना के साथ रिश्ते में आ गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स और वायरल हो रहे पोस्ट के मुताबिक बिरवा शाह पलाश मचल की एक्स गर्लफ्रेंड थी। यह रिश्ता साल 2017 के आसपास काफी चर्चा में था। दोनों ने कई मौकों पर अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक यह
2019 से पहले ही खत्म हो गया था। पलाश मुशल और बिरवा शाह के ब्रेकअप का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया। लेकिन दोनों ने अपनी-अपनी राहें अलग कर ली थी। बिरवा शाह पेशे से एक डॉक्टर हैं और उनकी शादी और पलाश के लिए उनका डेडिकेशन उस वक्त काफी पसंद किया गया था। हालांकि यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सका। इस खबर को लेकर सोशल
मीडिया पर भी रिएक्शन वायरल हो रहे हैं। एक यूजर ने लिखा अगर यह सच है तो लड़की बच गई। आई एम हैप्पी फॉर हर यानी स्मृति मंदाना के लिए। मेरे ने लिखा सेम पोर सेम स्टाइल बस थोड़ी स्टोरी अलग है। रिग ने लिखा शी इज अ क्रिकेटर बट ही इज द प्लेयर। मेरे ने लिखा वन थिंग इज कंफर्म ही प्रेफर्स स्लिम गर्ल्स। ने लिखा लड़कों से भरोसा उठ गया है। अब ट्रस्ट नोबडी।
भारत के एक हरेभरे गांव में रमेश नाम का किसान रहता था। रमेश मेहनती था, ईमानदार था, लेकिन उसकी एक बुरी आदत थी। वह हमेशा पुराने तरीकों से ही खेती करता था। उसके पिताजी ने जिस तरह हल चलाया था, जिस तरह बीज बोए थे, रमेश आज भी वही तरीके अपनाता था। हर दिन वह सुबह सूरज उगने से पहले अपने खेतों में पहुंच जाता। बैलों से हल चलाता, हाथ से बीज बोता और पूरे दिन पसीना बहाता। लेकिन असली
समस्या यह थी कि दुनिया अब बदल चुकी थी। उसके आसपास के किसान नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे थे। ट्रैक्टर, मोटर, ड्रिप इरीगेशन, अच्छी क्वालिटी के बीज। उससे उनकी फसलें भी ज्यादा होती, मेहनत भी कम लगती और आमदनी भी अच्छी होती। रमेश यह सब देखकर भी अनदेखा कर देता। वो कहता, “मेरे पिताजी ने यही तरीके अपनाए थे। मैं भी इन्हें ही अपनाऊंगा। मशीन पर भरोसा करके किसानी का
असली मजा नहीं आता। उस गांव के और किसान धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। लेकिन रमेश उसी जगह अटका हुआ था। उसकी हालत ऐसी हो गई थी कि परिवार का गुजारा भी मुश्किल होने लगा। एक दिन गांव में एक नौजवान आया। उसका नाम अर्जुन था। वो शहर से पढ़ाई करके लौटा था। अर्जुन ने देखा कि रमेश अब भी बैलों से ही हल चला रहा है। अर्जुन ने मुस्कुरा कर कहा, “अरे चाचा, आप भी पुराने तरीकों से ही किसाने कर रहे हो।” क्यों ना आप एक ट्रैक्टर किराए पर ले लें। इससे आपका समय भी बचेगा और आपकी पैदावार भी
बढ़ेगी। रमेश ने हंसते हुए कहा, “अरे बेटा, यह सब दिखावा है। असली किसानी तो पसीना बहाने से होती है। मशीनों में वह आत्मा कहां जो किसान अपने हाथ से काम करने में लाता है।” अर्जुन ने कुछ नहीं कहा, लेकिन उसने मन बना लिया कि रमेश को समय के साथ आगे बढ़ना जरूर सिखाएगा। अगले दिन अर्जुन ने रमेश को अपने घर बुलाया और फिर उन्हें खेतों पर ले गया। वहां उसने रमेश को दिखाया कि कैसे सिर्फ 2 घंटे में ट्रैक्टर से पूरा खेत जोत दिया जाता है जो रमेश अकेले अपने बैल
से 2 दिन में करता। उसने दिखाया कि नई तकनीक की मदद से पानी की बर्बादी नहीं होती और अच्छी क्वालिटी की फसल भी मिलती है। रमेश हैरान रह गया। उसे लगा कि सचमुच मेहनत तो वही है लेकिन नतीजा कितना अलग है। अर्जुन ने समझाया चाचा समय बदल गया है। बदलते वक्त के साथ हमें भी बदलना पड़ता है। वरना हम पीछे रह जाते हैं। मेहनत जरूरी है लेकिन अकल और मेहनत को मिलाना भी जरूरी है। रमेश को पहली बार महसूस हुआ कि उसकी ज़िद ही उसे गरीबी की तरफ
धकेल रही थी। आखिरकार रमेश ने अपनी सोच बदली। उसने पहली बार ट्रैक्टर किराया पर लिया। अच्छी क्वालिटी के बीज भी खरीदे और नई सिंचाई तकनीक अपनाई। नतीजा यह हुआ कि उसकी फसल और दो गुना बढ़ गई। उसका परिवार भी खुशहाल था। गांव वाले हैरान थे कि रमेश जैसे जिद्दी किसान ने आखिरकार किस तरह बदलाव को अपना लिया। रमेश अब हर
किसी से कहता मेरे दोस्तों मेहनत करो लेकिन समय के साथ बदलो। अगर हम अब भी पुराने तरीकों से ही चिपके रहेंगे तो जिंदगी आसान नहीं होगी। बदलाव ही जीवन का नियम है। उस दिन से रमेश की सोच बदल गई। वो गांव के और किसानों को भी समझाने लगा। समय के साथ आगे बढ़ना सीखो। यही असली सफलता है। दोस्तों, समय के साथ आगे बढ़ो। तभी हमारा जीवन
आसान और सफल बनता है। जो समय के साथ बदलता है वही आगे बढ़ता है। अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी है तो आपको यह कहानी भी जरूर सुननी चाहिए।
तो दोस्तो, अगर बात हो भारत की सबसे धांसू और दमदार ऑफ-रोड SUV की… तो एक ही नाम दिमाग में आता है — महिंद्रा थार! आज हम बात करेंगे इस बॉडीगार्ड जैसे दिखने वाले बेस्ट SUV की, जो सड़क पर नहीं… सड़क को अपने हिसाब से चलाती है!
LOOK & DESIGN
थार का लुक ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। मस्क्युलर बॉडी, क्लासिक जीप-स्टाइल डिजाइन, LED DRLs और बड़ा-सा टायर—इसकी रोड प्रेज़ेंस इतनी धमाकेदार है कि लोग खुद देखकर रास्ता दे देते हैं!
ENGINE & POWER
अब बात करते हैं इसके असली जायंट — Engine की! Mahindra Thar में मिलता है 2.0L mStallion पेट्रोल इंजन और 2.2L mHawk डीज़ल इंजन, जो देता है जबरदस्त पावर और टॉर्क। ऑफ-रोडिंग हो, पहाड़ हो या कीचड़—थार वहाँ चलती नहीं… वहाँ राज करती है!
INTERIOR & FEATURES
थार का interior अब पहले से काफी modern है। 7-inch touchscreen, Android Auto – Apple CarPlay, water-resistant switches, cruise control, roof-mounted speakers—सब कुछ मिलता है एक perfect adventure vibe के साथ।
SAFETY
सुरक्षा में भी थार पीछे नहीं। Dual airbags, ABS with EBD, hill hold, hill descent, roll cage और 4-star safety rating—ये इसे और भी भरोसेमंद SUV बनाती है।
OFF-ROAD KING
थार की असली पहचान है इसका 4×4 सिस्टम! Low range gearbox, mechanical locking differential और 226mm ground clearance… यानी चाहे खाई हो या पहाड़ी — थार वहां जाती है जहां बाकी गाड़ियां सिर्फ सपने में जाती हैं!
MILEAGE & PRICE (1:31 – 1:40)
माइलेज 12–15 kmpl के बीच और कीमत लगभग 11 लाख से शुरू… थार सिर्फ कार नहीं, एक lifestyle है जिसे हर कोई जीना चाहता है।
OUTRO
तो दोस्तो, ये था दमदार Mahindra Thar का पूरा कहानी। अगर आप भी एक adventure lover हैं, तो थार आपके लिए perfect साथी बन सकती है! हिस्ट्री पसंद आए हो तो Comment, Share जरूर करें।
क्या आप एक ऐसे लैपटॉप की तलाश में हैं जो Speed, Power और Premium Design का perfect combination दे? तो दोस्तो, आज हम बात करने वाले हैं Apple के MacBook के बारे में, जो सिर्फ एक laptop नहीं, बल्कि एक Experience है!
DESIGN
सबसे पहले बात करते हैं इसके Design की… Apple हमेशा अपने Sleek और Lightweight design के लिए जाना जाता है। Metal Body, Premium Finish और सिर्फ कुछ सेकंड में boot होने वाला system—इसका look and feel इसे दूसरों से अलग बनाता है।
DISPLAY
इसमें मिलता है Retina Display, जो आपके हर रंग, हर detail को crystal-clear दिखाता है। Video editing हो, photo editing हो या फिर entertainment—Apple का display unmatched है।
PERFORMANCE
Performance की बात करें तो Apple का M-Series Chip एक powerhouse है। Superfast speed, smooth multitasking और heavy apps भी आराम से चल जाते हैं। Editing, coding, designing—सब कुछ butter-smooth तरीके से करता है।
BATTERY
और सबसे बड़ी बात—Battery backup! एक बार charge करने पर 12 से 18 घंटे तक की battery life… यानि पूरा दिन smooth काम, बिना charger ढूंढने की tension।
FEATURES
Touch-ID, best-in-class trackpad, studio-quality mic, loud and clear speakers, और macOS का ultra-smooth experience—यह laptop productivity को next level पर ले जाता है।
PRICE & WHO SHOULD BUY
अगर आप student हैं, office user हैं, content creator हैं या professional editor—Apple का laptop आपके काम को 2X तेज़ कर सकता है। Price थोड़ी ज्यादा जरूर है… लेकिन quality, stability और long life इसे worth it बनाते हैं।
OUTRO
तो दोस्तो, ये था Apple Laptop का full-review style । Hov Agar pasand aaya ho to follow comment share karna mat bhoolna Milte hain अगली kahani में!
कभी एक समय था जब कपिलवस्तु नगरी का राजकुमार सिद्धार्थ अपने वैभव और सुख सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध था। महल के दरवाजे सोने से बने थे और सेवक हमेशा आदेश की प्रतीक्षा में खड़े रहते थे। राजकुमार सिद्धार्थ एक सुंदर बुद्धिमान और करुणामय युवक जिसकी मुस्कान से पूरा महल जगमगा उठता था। लेकिन इस चमकदमक के बीच कहीं ना कहीं उनके
भीतर एक खालीपन था। एक ऐसा प्रश्न जो उन्हें हर दिन परेशान करता था। क्या यही जीवन का सच्चा उद्देश्य है? क्या केवल सुख सुविधा में जीना ही जीना है? राजा शुद्धोधन उनके पिता नहीं चाहते थे कि सिद्धार्थ का मन सन्यास की ओर जाए। उन्होंने अपने बेटे को दुनिया के दुखों से दूर रखने के लिए हर मनोरंजन और हर खुशी उसके आसपास सजाई। महल के बाहर क्या है? यह
सिद्धार्थ को कभी देखने नहीं दिया गया। लेकिन नियति को कौन रोक सकता है? एक दिन जब सिद्धार्थ अपने रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले तो उन्होंने पहली बार जीवन की कठोर सच्चाई देखी। रास्ते में उन्होंने एक बूढ़े व्यक्ति को देखा। झुकी हुई कमर, कांपते हुए हाथ और चेहरे पर थकान की लकीरें। सिद्धार्थ ने सारथी से पूछा, “यह क्या है?” सारथी बोला, “यह बुढ़ापा है राजकुमार।” हर मनुष्य को एक दिन बूढ़ा होना पड़ता
है। सिद्धार्थ स्तब्ध रह गए। पहली बार उन्हें एहसास हुआ कि यौवन सदा नहीं रहता। कुछ दिन बाद उन्होंने फिर बाहर जाने की अनुमति मांगी। इस बार उन्होंने देखा एक बीमार व्यक्ति जो दर्द से करा रहा था। सिद्धार्थ का दिल पसीज गया। उन्होंने पूछा क्या हर व्यक्ति बीमार पड़ सकता है? सारथी ने सिर झुकाकर कहा, हां राजकुमार यह जीवन का हिस्सा है। तीसरी बार उन्होंने देखा एक
मृत व्यक्ति जिसे चार लोग कंधे पर उठाकर श्मशान की ओर ले जा रहे थे। सिद्धार्थ की आंखें नम हो गई। उन्होंने धीरे से पूछा, क्या मृत्यु सबको आती है? सारथी ने उत्तर दिया, हां राजकुमार चाहे राजा हो या रंक मृत्यु से कोई नहीं बच सकता। उस रात सिद्धार्थ बहुत देर तक सो नहीं पाए। उनके मन में बस एक ही प्रश्न गूंजता रहा। यदि जीवन का अंत मृत्यु है तो फिर इसका अर्थ क्या है? और फिर एक दिन जब उन्होंने एक साधु को देखा शांत चेहरा
ना कोई भय ना कोई लालच। बस एक असीम शांति। सिद्धार्थ ने सोचा शायद यही मार्ग है सच्ची शांति का, सच्चे अर्थों में जीवन का। उस रात जब पूरा महल नींद में था। सिद्धार्थ ने एक निर्णय लिया। एक ऐसा निर्णय जिसने इतिहास बदल दिया। उन्होंने अपने नवजात पुत्र राहुल को अंतिम बार देखा। पत्नी यशोधरा की ओर प्यार भरी निगाह डाली। और बिना कुछ कहे चुपचाप महल के द्वार से निकल गए। उनके साथ केवल एक वस्त्र और
एक संकल्प था। सत्य की खोज का संकल्प वो चल पड़े। जंगलों, पहाड़ों और नदियों के बीच भोजन की तलाश में नहीं बल्कि सत्य की तलाश में। उन्होंने कठोर तपस्या की। वर्षों तक भोजन और सुख का त्याग किया। लेकिन उन्हें अभी भी वो उत्तर नहीं मिला जिसकी उन्हें तलाश थी। एक दिन निराश होकर वह बोधगया के पास एक पीपल वृक्ष के नीचे बैठ गए। उन्होंने मन ही मन कहा
जब तक सत्य नहीं मिलेगा। मैं यहां से नहीं उठूंगा। दिन बीतते गए, ध्यान गहराता गया और एक रात जब चारों ओर सन्नाटा था। उन्होंने उस सत्य को पा लिया जिसकी उन्हें वर्षों से खोज थी। वो क्षण वही था जब सिद्धार्थ बुद्ध बने। जागे हुए व्यक्ति। अब उन्हें समझ आ गया था। दुख का कारण इच्छा है और शांति का मार्ग त्याग में है। उन्होंने सीखा कि जब मन से लालच, क्रोध और मोह मिट जाता है तभी सच्चा आनंद मिलता है। उस दिन के बाद उन्होंने अपना जीवन दूसरों को सिखाने में लगा
दिया। उन्होंने कहा सुख बाहर नहीं तुम्हारे भीतर है। जो स्वयं को जीत लेता है वही सच्चा विजेता है। लोग उन्हें गौतम बुद्ध कहने लगे। एक सम्राट जिसने अपने भीतर का राज्य पाया था। उनकी शिक्षा ने पूरी दुनिया को बदल दिया। राजा से लेकर आम इंसान तक हर किसी ने सीखा। जीवन का उद्देश्य सिर्फ जीना नहीं बल्कि समझ कर जीना है। सम्राट से साधु बनने की यात्रा हमें यह
सिखाती है कि असली सुख, धन, दौलत या वैभव में नहीं बल्कि आत्मिक शांति और आत्मबोध में है। जब हम बाहरी चीजों की तलाश छोड़कर भीतर झांकते हैं, तभी हमें सच्ची स्वतंत्रता मिलती है।
नमस्कार दोस्तों, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का ₹10,000 जिन महिलाओं के खाते में आ चुका है, अब वह महिला तैयार हो जाइए। 28 नवंबर से अब आप लोगों के खाते में ₹2 लाख तक रुपया आने वाला है। क्योंकि दोस्तों जो जीविका के अध्यक्ष हैं उन्होंने ₹2 लाख देने को लेकर एक बड़ी बात कही है और उसका
नोटिस उन्होंने जारी किया है। उस नोटिस को पढ़कर हम आपको बताएंगे कि किन-किन महिलाओं को यह ₹ 2लाख 28 नवंबर के बाद से मिलना शुरू हो जाएगा और किन-किन महिलाओं को नहीं मिलेगा। किस बैंक में आएगा और किसका कितना जल्दी आ जाएगा सब कुछ हम आपको जानकारी बताएंगे। ठीक है ना? और जिन महिलाओं का लिस्ट में नाम होगा उन्हीं को मिलेगा। ठीक है ना? तो आइए हम आपको संपूर्ण जानकारी बताते हैं। आप लोग देख लीजिएगा। बहुत महिलाएं दोस्तों ना
₹10,000 का लाभ उठा चुकी है। बहुत खुश है। कोई महिला मतलब ना निराश नहीं है। सभी महिला खुश है और इसमें बहुत बड़ा योगदान हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी का भी है। मोदी जी का भी बहुत बड़ा योगदान है दोस्तों। ठीक है ना? तो आइए हम आपको दोस्तों यहां पर जो आपको यही वो वो व्यक्ति हैं जीविका का अध्यक्ष जिन्होंने इसकी घोषणा की है कि जल्द से जल्द
महिलाओं के खाते में 2 लाख तक रुपया भी दिया जाए उनके रोजगार को देखते हुए। ठीक है ना? तो दोस्तों हम आपको पहले यह बता देना चाहते हैं कि एक बार अपना लिस्ट में नाम चेक करिए। लिस्ट में नाम चेक करना जरूरी होता है क्योंकि यदि लिस्ट में नाम नहीं है आपका तो आपको आगे का ₹ लाख तक रुपया नहीं मिल सकता है। लिस्ट में नाम आपको चेक करना है। तो पहले हम आपको बता देते हैं लिस्ट में नाम कैसे चेक करेंगे।
उसके बाद से यह जो राशि आपको मिलने वाली है वह मैं आपको बताऊंगा इसके बारे में। ठीक है? देखिए सबसे पहले आप अपने मोबाइल में ना Google या Chrome ब्राउज़र खोल लीजिएगा। आपके मोबाइल में दोस्तों Google या Chrome ब्राउज़र होगा ना Google या Chrome ब्राउज़र जैसे कि आप स्क्रीन पे आइएगा ना तो देखिएगा आपके मोबाइल में Google या Chrome ब्राउज़र ऐसे दिखेगा। दिखेगा ना तो आपको इसको ओपन कर लेना है। और ये जो सर्च वाला ऑप्शन है उसमें आना है। सर्च में लिखना है स्टडी P एस टी यू डी वाई स्टडी P आप लोग
लिखिएगा। कॉपी पर आप लोग लिख लीजिए। यही लिखकर सर्च करिएगा। जैसे दोस्तों ये लिखा सर्च करिएगा ना तो स्टडी प्लस तो ऐसा पेज खुलेगा यहां पर देखिएगा हिंदी में लिखा होगा स्टडी प्लस इसी पर क्लिक कर देना है जैसे क्लिक करिएगा ना तो ये वाला पेज ओपन हो जाएगा दूसरा और थोड़ा सा नीचे आइएगा ना तो दोस्तों देखिए जीविका लिस्ट में नाम चेक करें
जीविका लिस्ट जारी अपना नाम देखें इस पर भी क्लिक करके देख सकते हो और नीचे आइएगा तो एक एडमिट कार्ड का ऑप्शन आएगा उसके नीचे आइएगा तो यहां पर भी दोस्तों आपको बताया गया जीविका दीदियों के लिए बड़ी खुशखबरी ₹2 लाख मिलना शुरू कैसे मिलेगा मिलेगा आओ बताते हैं। तो इस लिंक पर आप लोग क्लिक करिएगा। क्लिक करने के बाद दोस्तों आप लोग नीचे आ जाइएगा। नीचे आ जाइएगा। ठीक है? और जो भी जीविका दीदी है ना अगर आप जीविका से संबंधित सारा जानकारी आप लोग जानना चाहते हैं और किन-किन महिलाओं को कैसे-कैसे पैसा मिलेगा, कितना रुपया मिलेगा, किसको सारी जानकारी हम आपको
WhatsApp ग्रुप में बताते रहते हैं। तो WhatsApp ग्रुप को आप लोग ज्वाइन कर लीजिएगा। ठीक है? अब नीचे आइए। यहां पर दोस्तों आपको लिंक दिया होगा महिला रोजगार योजना न्यू लिस्ट 2025 चेक। आपको इस लिंक पर क्लिक करना है। जैसे ही इस पर क्लिक करिएगा ना तो यहां पर यह वाला पेज ओपन हो जाएगा। यहां से अपने स्टेट को सेलेक्ट करिएगा। फिर मतलब कि अपने राज्य सेलेक्ट कर लीजिएगा। बिहार अपने जिला का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा। अपने ब्लॉक का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा और अपने
पंचायत का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा। उसके बाद से विलेज का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा। ठीक है ना? विलेज का नाम सेलेक्ट कर लीजिएगा। उसके बाद से आपके स्क्रीन पर नाम लिस्ट में दिख जाएगा। जैसे कि दोस्तों हम कोई भी यहां पर नाम सेलेक्ट कर लेते हैं। बिहार सेलेक्ट कर लेते हैं। ठीक है? और कोई डिस्ट्रिक्ट सेलेक्ट कर लेते हैं। कोई ब्लॉक सेलेक्ट कर लेते हैं और बाय द वे कोई यहां पर पंचायत हम सेलेक्ट कर लेते हैं। और किसी गांव का हम नाम सेलेक्ट कर लेते हैं। और जैसे सर्च पर क्लिक करेंगे ना तो देखिए यहां पर सभी महिलाओं का नाम दिखेगा। देखिए स्टेट का नाम
दिखेगा, डिस्ट्रिक्ट का नाम दिखेगा, ब्लॉक का नाम दिखेगा, पंचायत का नाम दिखेगा, विलेज का नाम दिखेगा, समूह का नाम दिखेगा, मेंबर का नाम दिखेगा, हस्बैंड का नाम दिखेगा। ठीक है ना? फादर हस्बैंड का नाम दिखेगा, जेंडर दिखेगा, एज दिखेगा। ठीक है? उसके बाद से दोस्तों बगल में उन लोगों का कैटेगरी दिखेगा। एससी, एसटी, ओबीसी ये सब कुछ वहां पर दिखेगा। ठीक है ना? तो यहां से आप लोग चेक कर लीजिएगा। बाकी दोस्तों इस जानकारी को आइए हम आपको पढ़कर बताते हैं अच्छे तरीके से।
देखिए इन्होंने क्या कहा है। रोजगार की जरूरत के अनुसार महिलाओं को राशि मिलेगी। स श्रवण जी का कहना है। यानी कि जो श्रवण जी हैं जीविका के अध्यक्ष हैं इनका कहना है कि महिलाओं को रोजगार के हिसाब से जितना पैसा की जरूरत पड़ेगा उतना दिया जाएगा। है ना? ₹ लाख तक रुपए मैक्सिमम राशि रखी गई है। देखिए यहां पर क्या बोला गया है। पटना हिंदुस्तान ब्यूरो ग्रामीण विकास मंत्री ग्रामीण विकास जो मंत्री श्रवण
कुमार हैं उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को उनकी जरूरत के अनुसार राशि दी जाएगी। महिलाओं ने जो भी रोजगार शुरू किया है उसका अवकलन कर अधिकतम ₹2 लाख तक रुपया राशि दी जाएगी। यानी कि इनका कहना है कि जो महिलाएं हैं ₹10,000 लेकर कोई भी रोजगार शुरू किए जैसे कि एक लड़का मेरे पास कॉल किया था। वो बोल रहा था कि सर ₹2 लाख तक रुपया कब मिलेगा? हमारी मम्मी ने रोजगार शुरू कर दिया है। भैंस खरीदी है हमारी मम्मी ने। मतलब कि ₹10,000
सरकार का लेकर और और कुछ अपने लक्ष से मिलाकर भैंस खरीदी है। अब धीरे-धीरे वो मतलब ना पशुपालन बना लेगी। भैंस का या फिर गौ का पालन बना लेगी। बहुत बड़ा उनका बिजनेस हो जाएगा। तब सरकार उसको देखेगी और उसके हिसाब से पैसा ज्यादा देगी। आपको पता ही है कि भैंस का दाम आज आप लोग को पता ही होगा लगभग ₹1 लाख तक रुपया फन जाता है तो इसमें पैसा ज्यादा लगता है ना तो यह भी एक बड़ा बिजनेस हुआ है ना तो ऐसा दोस्तों बिजनेस जितना तगड़ा बिजनेस होगा जितना बड़ा बिजनेस होगा उसके हिसाब से उतना ही आपको ज्यादा पैसा मिलेगा ठीक है ना रोजगार शुरू करने के लिए अब तक ₹1 करोड़ 51
लाख महिलाओं को ₹10 ₹100 दिए गए हैं दोस्तों ठीक है ना मतलब कि इनका साफ-साफ कहना है कि ₹10 जिनको मिल चुका है यदि आप रोजगार को नहीं शुरू करते हैं तो आपको ₹ लाख तक रुपया का लाभ नहीं मिलेगा। आप रोजगार शुरू करिए। फ्री में थोड़ी ना आपको कोई पैसा देगा। आप रोजगार शुरू करिए। ठीक है ना? मंत्री सोमवार को पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्हें छठी बार इस विभाग की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा है कि राज्य में जीविका समूहों की संख्या 11 लाख 400 हो गई है। महिला सशक्तिकरण में बिहार ने देश भर में मॉडल
स्थापित किया है। महिलाओं के लिए विकास महिलाओं के विकास के लिए राज्य सरकार आगे भी निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने उन्होंने यह भी बताया है कि राज्य से श्रमिकों का श्रमिकों का पलायन पलायन पूरी तरह बंद करने के लिए मनरेगा को और प्रभावी बनाया जाएगा। अधिक से अधिक से अधिक श्रमिकों को काम दिया जाएगा। अब इस ये सही बात है। यदि कोई महिला रोजगार करती है और उस रोजगार को करने में दो-तीन आदमी की जरूरत अगर पड़ती है तो दो-तीन आदमी उसमें काम करेंगे। अब वही महिला उन दो-तीन आदमी को पगार देगी तो ऐसे बेरोजगारी कम कमी होगी जो बाहर लोग जाते होंगे कमाने वो नहीं जा पाएंगे अच्छा
मान लेते हैं कि कोई महिला है उनका पति कोई महिला है महिला वो पढ़ी लिखी नहीं है और उनका पति जो है वो बाहर में काम करते हैं कहीं फैक्ट्री में बाहर काम करते हैं और यदि वह महिला जीविका से जुड़ी हुई है 10 हजार उनको रुपया मिल गया अगर वह महिला किराना का दुकान कर ली या फिर सब्जी का दुकान कर ली या फिर गौपालन का दुकान कर ली बकरी पालन खोल ली तो उसमें वह अकेली नहीं कर पाएगी। उस बिजनेस को बड़ा करेगी ना तो उसमें एक दो और लोगों की जरूरत पड़ेगा। तो हो सकता है कि उसका पति उसके साथ हाथ बटाएगा तो मतलब कि इससे मुनाफा ज्यादा होगा तो बाहर लोग कम जाएंगे। अब उसका पति अपने बीवी के साथ घर रहेगा। सभी परिवार खुश रहेंगे। है ना? बाहर मतलब कि नहीं जाना पड़ेगा किसी को जल्दी। ठीक है ना? तो ये बहुत अच्छा है दोस्तों। ठीक है ना? और भी
दोस्तों एक और अपडेट आया है जो महिला नई-नई जीविका से जुड़ी हुई है। ध्यान से देखना इस अपडेट को। शहरी क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों से 13 लाख महिलाओं ने किया आवेदन। यानी कि दोस्तों एक और अपडेट आया है जो शहर की महिलाएं हैं ना वो 13 लाख नईनई ऐसी महिलाएं हैं जो कि जीविका में जुड़ने के लिए आवेदन की है। तो सरकार ने साफ तौर पर बोल दिया है कि 13 लाख महिलाओं ने आवेदन किया। यह सभी आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। जिनका जल्द ही सत्यापन शुरू होगा। सत्यापन पूरी होने के बाद जीविका समूह में इन्हें इन महिलाओं को शामिल किया जाएगा और इसके बाद उक्त योजना के अंतर्गत ₹10 ₹100 इनके बैंक खाते में भेजे जाएंगे। यानी कि जो महिला शहर की हैं उनमें से
13 लाख महिला है ना जो नई-नई जीविका में जुड़ी हुई है। जब पता चला कि सरकार ₹10,000 दे रही है ना तो नई-नई जीविका से जुड़ गई है। अब जब नई-नई जीविका से जुड़ी है तो उनको भी दोस्तों पैसा मिलेगा और वो साफ तौर पर बता दिए कि अब जो नेक्स्ट आपका किस्त आने वाला है उसमें उन लोगों का पेमेंट आएगा। तो जो भी अब नया नया मतलब कि नया-नया जुड़ी है ना अब उन लोगों का भी पेमेंट आना शुरू हो चुका है।
दोस्तों, दिल्ली से 4300 कि.मी. दूर इथियोपिया में 12,000 साल बाद ज्वालामुखी फटा है। लेकिन इसकी राख दिल्ली तक पहुंची है। 23 नवंबर 2025 को इथियोपिया के अफार इलाके में हाईलीग गुबी ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ। यानी कि वोल्केनिक करप्शन हुआ। यह ज्वालामुखी इतने सालों से सोया हुआ था, लेकिन अब इसने आसमान में 14 कि.मी.
ऊंची राख की चादर बिछा दी है। कई तस्वीरें भी सामने आ रही हैं। वो भी हम आपको दिखाते चलेंगे। लेकिन इसके अचानक फटने की वजह क्या है? नुकसान क्या हुआ है? इस पर भी बात करेंगे। दोस्तों हाईली वो भी एक शील्ड ज्वालामुखी है जो कि इथियोपिया के अफार इलाके में है। अफार क्षेत्र को पृथ्वी का नर्क भी कहा जाता है क्योंकि यहां पर जो टेंपरेचर है वो 50° सेल्सियस तक पहुंच जाता है। यह पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट वैली का हिस्सा है। यहां पर पृथ्वी की जो टेक्टॉनिक
प्लेट्स हैं वो लगातार अलग होती रहती हैं। 23 नवंबर 2025 को भारत के समय के मुताबिक दोपहर 2:00 बजे यह ज्वालामुखी फटता है। रात का गोबार समुद्र तल से 14 कि.मी. ऊपर चला जाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक पिछले 12,000 साल में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है एक्टिव होने का। सैटेलाइट डाटा से पता चला है कि इसमें सल्फर डाइऑक्साइड यानी कि SO2 गैस की भारी मात्रा है। इसके 4300 कि.मी. दूर तक ट्रैवल करने की भी बड़ी वजह है। राख इतनी दूर पहुंचने की मेन वजह यह है कि यह वायुमंडलीय हवाओं की जेट स्ट्रीम की वजह से इतनी दूर तक पहुंचा है। आसान भाषा में बताएं तो जब ज्वालामुखी विस्फोट होता है तो उससे
राख बारीक कणों जैसे कि कांच और चट्टान के टुकड़े के रूप में निकलती है। ये 14 कि.मी. जितनी ऊंची हो जाती है जो कि स्ट्रेटोस्फीयर यानी कि जो ऊपरी वायुमंडल है उसमें पहुंच जाती है। यहां पर जेटस्ट्रीम नाम की हवाएं चलती हैं। 100 से 130 कि.मी. की प्रति घंटे की रफ्तार होती है इन हवाओं की और जो कि पश्चिम से पूर्व की ओर बहती रहती हैं और इसी वजह से यह इतनी दूर तक ट्रैवल भी कर पाया है। 23 नवंबर को रात लाल सागर पार करके यमन ओमान पहुंची। फिर अरब
प्रायद्वीप से पाकिस्तान होते हुए राजस्थान में घुसी। 24 नवंबर की रात 11:00 तक यह दिल्ली पर छा गई। सेटेलाइट मैप जैसे कि टुलूज़ वैग से पता चला है कि यह 15,000 से 45,000 फीट ऊंचाई पर बह रही है। अगर हवाएं ना होती तो राख बस 50 से 100 कि.मी. दूर जाकर गिरती। लेकिन हवाओं की वजह से यह इतना लंबा ट्रैवल करके आई है। ज्वालामुखी फटने से पहले एता अलय के नीचे 50 कि.मी. लंबी मैग्मा की दीवार जिसे मैग्मा डैम भी कहा जाता है, वह टूट गया था।
इससे घंटों पहले 4.7 रिक्टर स्टेल का भूकंप भी आया था। पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट में सुपर प्लूम यानी कि गर्म मैग्मा का विशाल गुबार का दबाव बढ़ रहा था जो कि प्लेटों के अलग होने से पैदा होता है। यह रिफ्ट वैली अफ्रीकी महाद्वीप को दो भागों में बांटने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है। स्थानीय प्रभाव की अगर बात करें तो राख पास के गांव अफेद्रा पर गिरी है। कोई मौत नहीं हुई है। लेकिन चरवाहों को चिंता है कि राख से चारागाह खराब हो जाएंगे और पशु बीमार पड़ जाएंगे। राखलाल सागर
पार करके यवन और ओमान की ओर बढ़ी। फिर पूर्व की ओर पाकिस्तान, उत्तरी भारत और फिर चाइना तक पहुंची है। भारत में कई उड़ाने रद्द हुई हैं। जैसे कि एयर इंडिया की मुंबई हैदराबाद और इंडिगो की कन्नूर अबू धाबी फ्लाइट रद्द कर दी गई। डीजीसीए ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि राख इंजन को नुकसान पहुंचा सकती है। आसमान में फैले राख की वजह से हवाई जहाजों को भी दिक्कत हो रही है। राख की वजह से दिल्ली जयपुर जैसे इलाकों में उड़ानों पर नजर रखी जा रही थी। वैज्ञानिकों ने हजारों साल बाद ज्वालामुखी
फटने की घटना को इस इलाके के इतिहास की सबसे असाधारण घटनाओं में से एक बताया है। ऐसी घटना जो सामान्य नहीं है। गल्फ न्यूज़ के मुताबिक विस्फोट के साथ बड़ी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड भी निकली है जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ सकता है। कहा जा रहा है कि अगर ज्वालामुखी अचानक ज्यादा SO2 छोड़ रहा है तो यह बताता है कि अंदर दबाव बढ़ रहा है। मैग्मा हिल रहा है और आगे और भी विस्फोट हो सकते हैं। यानी कि यह कोई पहला या आखिरी विस्फोट नहीं होगा। आने वाले वक्त में हो
सकता है कि यह यह जो ज्वालामुखी है एक बार फिर से फटे। रिस्चर्स अब हेलीगुबी को आने वाले वक्त में रिसर्च के लिए एक बहुत ही प्रॉमिनेंट जगह मान रहे हैं। वो यह समझने की कोशिश करेंगे कि हजारों साल शांत रहने के बाद यह ज्वालामुखी अब क्यों एक्टिव हुआ है। इस तरह के अध्ययन टेक्टोनिक रिफ्ट वाले इलाकों में स्थित शील्ड ज्वालामुखियों के व्यवहार के बारे में नए संकेत दे सकते हैं। यानी कि नए इनके बारे में पता चलेगा कि आखिर यह किस तरीके से फटते हैं। वैज्ञानिक जब ऐसे दुर्लभ विस्फोटों का अध्ययन करते हैं तो उन्हें यह समझने में मदद मिलती है उन ज्वालामुखियों का व्यवहार कैसा
होता है जो कि टेक्टॉनिक रिफ्ट यानी कि जहां पर धरती की प्लेटें अलग-अलग होती हैं वहां पर जब कोई ज्वालामुखी फड़ता है तो उसका जो रिएक्शन है वो कैसा होता है इसी के बारे में जानने की पूरी कोशिश की जाएगी। कई लोगों को दिल्ली की भी चिंता थी लेकिन फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। दिल्ली का एक्यूआई पहले से ही काफी खराब है। स्मोग है लेकिन यह राख स्ट्रेटोस्फीयर में है और जहां पर हवा साफ रहती है। आईएमडी के जो निदेशक हैं एम मोह पात्रा
उन्होंने कहा है कि नीचे यह नहीं उतरेगी। इसीलिए पीएम 2.5 या फिर पीएम 10 पर ज्यादा प्रभाव नहीं है। हां, आसमान धुंधला जरूर दिख सकता है। विज़िबिलिटी कम हो सकती है। सल्फर डाइऑक्साइड गैस बादल बनाकर बारिश ला सकती है जो कि प्रदूषण को धो दे। लंबे समय में SO2 एसिड रेन पैदा कर सकता है। लेकिन यहां पर मात्रा काफी कम है। कुल मिलाकर
स्थानीय प्रदूषण, कार्य और फैक्ट्रियों से ज्यादा खतरा यह ज्वालामुखी भी दिल्ली वालों के लिए पैदा अभी नहीं कर पाया है। इसीलिए चिंता की कोई बात नहीं है। फिलहाल के लिए मेरे साथ इस खबर में इतना ही। आप देखते रहिए स्टार डेली।
Realme लेकर आया है अपना नया Ultra Power, Ultra Speed वाला स्मार्टफोन… Ye hai – Realme Ultra! Ek aisa phone jo design me stylish… aur performance me bilkul zabardast!
1. Design & Display
Iska Ultra Premium Design dekh kar hi dil aa jata hai… Ultra slim body, glossy finishing aur haath me pakadte hi flagship wali feeling!
Aur saamne milti hai 6.7-inch ki Super AMOLED Ultra Display 120Hz refresh rate ke saath… Scrolling ho ya gaming — sab kuch butter smooth!
2. Performance
Realme Ultra me laga hai Ultra Speed Processor, jisse aap heavy gaming, multitasking, editing — sab kuch bina lag ke kar sakte hain. Aur RAM expansion technology ke saath phone aur bhi fast ho jata hai.
🔋 3. Battery & Charging
Battery ki tension? Bhool jao! Isme milti hai 6500mAh ki Ultra Battery Aur saath me Super Fast Charging, jo phone ko kuch hi minutes me 0 se 100 tak pohcha deti hai!
4. Camera Features
Realme Ultra ka camera bhi naam ke jaise… Ultra! 50MP Triple AI Camera ke saath aapko milti hain sharp photos, night mode, portrait shots aur 4K video recording. Selfie camera bhi bilkul crystal clear!
🎮5. Gaming & Special Features
Gaming lovers ke liye phone me milta hai Ultra Gaming Mode, jo frame rates ko stable rakhta hai, aur heating ko control karta hai. Saath hi milta hai in-display fingerprint, dual speakers, 5G support… sab kuch ultra!
✅ Closing
Toh dosto ye tha Realme Ultra Mobile ka full review. Agar aap power, camera, battery aur premium design sab kuch ek hi phone me chahte ho— toh Realme Ultra ek perfect choice ban sakta hai!
Chats achha laga ho to Share & Comment zaroor karein!
दोस्तों, अगर बात हो पावर, स्टाइल और रोड पर रॉयल एंट्री की… तो सिर्फ एक ही नाम दिमाग में आता है – Furchunar Car! एक ऐसी कार जो सिर्फ चलती नहीं… सड़कों पर राज करती है।
Exterior Shots
इसके दमदार फ्रंट ग्रिल, शार्प LED हेडलाइट्स, और शानदार बॉडी डिजाइन इस कार को बनाते हैं हर किसी की पहली पसंद। चाहे शहर की सड़क हो या पहाड़ की चढ़ाई… Furchunar हर जगह एक जैसा लाजवाब परफॉर्मेंस देती है।
Interior Shots
अब बात करते हैं इसके लग्जरी इंटीरियर की। अंदर बैठते ही मिलता है एक प्रीमियम फील – ✨ Soft-touch dashboard ✨ Leather seats ✨ Big touchscreen display ✨ और शानदार comfort… लंबी यात्रा हो या छोटा सफर… सफर कभी थकाएगा नहीं।
Engine & Power Shots
Furchunar का दमदार इंजन देता है बेस्ट-इन-क्लास पावर और टॉर्क। ऑफ-रोड, हाईवे, या खराब रास्ते – जहाँ बाकी गाड़ियाँ रुक जाती हैं… वहीं से Furchunar आगे बढ़ती है!
Safety Features Shots
सुरक्षा में भी यह किसी से कम नहीं— ✔️ Multiple Airbags ✔️ ABS + EBD ✔️ Hill Assist ✔️ Vehicle Stability Control ✔️ Rear Camera हर यात्रा को बनाती है 100% सुरक्षित।
Ending Shots – Driving Clips
तो दोस्तों, अगर आप भी चाहते हैं एक रॉयल लुक, दमदार पावर और लग्जरी का जबरदस्त कॉम्बिनेशन… तो Furchunar आपके लिए है परफेक्ट चॉइस! ये सिर्फ एक कार नहीं… ये है आपकी स्टाइल और स्टेटस की पहचान। धन्यवाद 💐
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